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Bihar News: नरकटियागंज में पंचायत सचिव 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार, विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई

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Alam Ki Khabar: Bihar News में पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज से बड़ी खबर। नल-जल योजना के भुगतान के बदले रिश्वत लेने के आरोप में पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को विजिलेंस टीम ने 15 हजार रुपये के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार किया।

बेतिया, 5 अगस्त। आलम की खबर: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज में पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। बताया गया कि यह रिश्वत नल-जल योजना के मेंटेनेंस भुगतान के बदले मांगी गई थी। कार्रवाई के बाद सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया और पूरे मामले की चर्चा तेज हो गई।

जानकारी के अनुसार, नल-जल योजना से जुड़े संवेदक परवेज कौशर ने आरोप लगाया था कि उनके बकाया भुगतान को जारी करने के लिए पंचायत सचिव शंकर प्रसाद ने 28 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। आरोप है कि रिश्वत नहीं देने पर भुगतान की प्रक्रिया जानबूझकर लंबित रखी जा रही थी, जिससे संवेदक को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

बताया जाता है कि परेशान होकर संवेदक ने 27 जुलाई को निगरानी विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। जांच में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर विजिलेंस की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की तैयारी शुरू कर दी।

बुधवार को मलदहिया मदरसा परिसर में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान संवेदक पंचायत सचिव को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपये देने पहुंचा। जैसे ही पंचायत सचिव ने रुपये अपने कब्जे में लिए, पहले से सादी वर्दी में मौजूद निगरानी विभाग की टीम ने उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया। पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से की गई, जिससे आरोपी को संभलने का मौका नहीं मिल सका।

गिरफ्तारी के तुरंत बाद विजिलेंस अधिकारियों ने पंचायत सचिव के आवास पर भी छापेमारी की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य कागजात जब्त किए गए, जिनकी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच के दौरान मामले से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आ सकते हैं।

निगरानी विभाग के डीएसपी कृपाल चंद्र जायसवाल ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि पंचायत सचिव को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि शिकायत का सत्यापन कराने के बाद पूरी कार्रवाई कानून के अनुसार की गई है और आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

बिहार में पिछले कुछ समय से निगरानी विभाग लगातार रिश्वतखोरी के मामलों में कार्रवाई कर रहा है। सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से विभाग लगातार ट्रैप अभियान चला रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो लोग इसकी शिकायत सीधे निगरानी विभाग से करें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

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सरकारी योजनाओं का लाभ बिना रिश्वत के लोगों तक पहुंचे, इसके लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई जरूरी मानी जा रही है। नरकटियागंज की यह कार्रवाई भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

संपादकीय: सरकारी योजनाओं में रिश्वतखोरी केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि आम लोगों के अधिकारों पर सीधा हमला है। नल-जल जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में यदि भुगतान के लिए भी रिश्वत मांगी जाए तो इससे व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होता है। विजिलेंस की कार्रवाई स्वागतयोग्य है, लेकिन केवल गिरफ्तारी से समस्या खत्म नहीं होगी। जरूरत है कि ऐसी घटनाओं की नियमित निगरानी हो और दोषियों को समयबद्ध सजा मिले, ताकि सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जनता का विश्वास दोनों मजबूत हो सकें।

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